बिल्ली विश्व विद्यालय (2)

जंगल सफारी में घंटों जीप में बैठ शेर का इंतजार करना तपस्या करने जैसा है। यदि  वो प्रसन्न हो जाए तो हो जाते हैं दर्शन। पर शेर दिखे या ना दिखे, कहानियाँ तो बन हो जाती हैं। कैसे वो उठा,कैसे बैठा और कैसे उसने पार किया रास्ता। या फिर हर जगह थे उसके कदमों के... Continue Reading →

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